Published: July 20, 2026 | साहित्य • प्रशासन • संस्कृति
देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया के तत्वावधान में 19 जुलाई, रविवार शाम 7:30 बजे रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी अवधेश निगम 'राजू' के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद के प्रमुख साहित्यकारों, कवियों और गणमान्य नागरिकों ने उनके प्रशासनिक एवं साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें भावभीनी विदाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं ईस्टर्न साइंटिस्ट के प्रधान संपादक डॉ. आर. अचल पुलस्तेय ने कहा कि एक साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से सदैव अमर रहता है। उन्होंने आगे कहा कि अवधेश निगम जी ने साहित्य और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हुए एक बेहद संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी अमिट पहचान बनाई है। वहीं सभा के सदस्य रजनीश मोहन गोरे ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशासनिक पद पर होने के बावजूद अवधेश निगम में कभी पद का अहंकार नहीं दिखा; वे हमेशा एक कवि की भाँति सरल, सहज और आम जन के लिए सुलभ रहे।
अपने विदाई संबोधन में अवधेश निगम 'राजू' ने देवरिया की पावन भूमि और यहाँ के लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि नागरी प्रचारिणी सभा ने ही उन्हें साहित्य को समझने, पढ़ने और लिखने की प्रेरणा दी। देवरिया आगमन के बाद ही उन्हें साहित्य की वास्तविक पहचान मिली और एक साहित्यकार के रूप में अपने दायित्वों का अहसास हुआ। उन्होंने भावुक होकर कहा कि देवरिया के लोगों से मिला असीम स्नेह, अपनापन और सम्मान वे जीवनभर भूल नहीं पाएंगे।
समारोह में साहित्यिक रंग भरते हुए अनेक रचनाकारों ने अपनी काव्यांजलि से उपजिलाधिकारी को विदाई दी। काव्य पाठ करने वाले प्रमुख साहित्यकारों में वरुण पाण्डेय, प्रार्थना राय, पार्वती देवी गौरा, सौदागर सिंह, कीर्ति त्रिपाठी, क्षमा श्रीवास्तव, योगेन्द्र तिवारी 'योगी', कौशल किशोर मणि, महेंद्र प्रसाद गोंड और लालता प्रसाद चौधरी शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व सभासद सुबास राय, उद्भव मिश्र, श्वेतांक मणि त्रिपाठी तथा राजेश मिश्र सहित कई प्रबुद्ध जन उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवीन्द्र नाथ तिवारी ने की, जबकि कुशल संचालन गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय द्वारा सम्पन्न हुआ।

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